गुरुवार, 6 अगस्त 2015

6=आया बुढ़ापा

आया  बुढ़ापा
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चली   सजनी ,
नैना लगा कजरा,
 छाई  बदरी,
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मेघ  बरसे ,
सावन मे   फ़ुआर ,
ओढ़े   छतरी/
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 करे गर्जन,
प्रचंड आकाश मे
 डरपे मन,
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कास फूलत ,
 सकल  बदरिया ,
आया  बुढ़ापा /
====5======
हरित लता ,
 बिहसित सुमन ,
धरा जवानी /
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