मंगलवार, 23 जून 2015

1=हायकू

हायकू
[१]
चलत   सखी
कह गयी   सयानी
बरसे पानी/
[२]
बादरिया   भी
हरस रही   राधा
मनमोहन/
[३]
 तूफ़ानी   दिल
मचल  रहा   मन
सावन   जैसा /
[४]

सावन  झूला
झूले सखियाँ सज
उड़े आकाश /
[५]
हे   घनघोर
घटा मचले  हिया
 छटा  निहार
राजकिशोर   मिश्र  राज 

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें