हायकू
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कवि हृदय
रवि प्रकाश सम
हुआ उजाला
============
देखि सुमन
गति कलियाँ चली
करने प्रेम
===========
घिरी बदरी
उमड़ि-उमड़ि के
बरसे नीर ,,,,
=========
कविता प्रिय
प्रियतम संदेश
है खुशहाली
=============
प्रथम घटा
घनघोर छोर न
. कवि कविता
================
यथार्तबोध
का नित गुंजन
करे कविता
=================
कवि हृदय
तिमिर विनासक
जग प्रकाश
रवि प्रकाश सम
हुआ उजाला
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देखि सुमन
गति कलियाँ चली
करने प्रेम
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घिरी बदरी
उमड़ि-उमड़ि के
बरसे नीर ,,,,
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कविता प्रिय
प्रियतम संदेश
है खुशहाली
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प्रथम घटा
घनघोर छोर न
. कवि कविता
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यथार्तबोध
का नित गुंजन
करे कविता
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कवि हृदय
तिमिर विनासक
जग प्रकाश
— राजकिशोर मिश्र [राज]
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